Jul 14, 2026

केंद्र की वित्तीय सहायता से उत्तराखंड के सभी जिलों में सतत विकास को मिलेगी नई दिशा

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देहरादून। उत्तराखंड के विकास को नई गति देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को 451.63 करोड़ रुपये की पहली किस्त मंजूर कर दी है। यह राशि राज्य में सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और अन्य आधारभूत ढांचागत परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र की इस आर्थिक मदद से प्रदेश में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार, यह राशि योजना के भाग-1 के अंतर्गत स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर खर्च की जाएगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप 31 मार्च 2027 तक हर हाल में किया जाए। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी। वित्त मंत्रालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी योजना के तहत बची 53.27 करोड़ रुपये की अव्ययित राशि को वित्तीय वर्ष 2026-27 की स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं में पुनः आवंटित किया जाएगा। इस राशि का समायोजन पहली किस्त में कर दिया गया है, ताकि उपलब्ध धन का अधिकतम उपयोग विकास कार्यों में हो सके। विशेष सहायता योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को ब्याज मुक्त विशेष सहायता ऋण उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य राज्यों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। उत्तराखंड में इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से सड़क और पुल निर्माण, पेयजल योजनाओं के विस्तार, अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा संस्थानों के विकास, पर्यटन अवसंरचना तथा अन्य जनहित की पूंजीगत परियोजनाओं में किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार की इस स्वीकृति का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार उत्तराखंड के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रही है। यह वित्तीय सहायता राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे विभिन्न विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए धनराशि को केवल जनहितकारी पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा। इससे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, निवेश का वातावरण बेहतर होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि पूंजीगत निवेश से न केवल आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में होने वाले निवेश का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। ऐसे में केंद्र से मिली यह पहली किस्त उत्तराखंड के विकास अभियान को नई ऊर्जा देने वाली साबित हो सकती है।